विशेष संवाददाता जय प्रकाश तिवारी
सुजानगंज (जौनपुर)। प्रदेश सरकार क्षेत्र के विकास एवं गांवों की स्वच्छता के लिये कई जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लाने हेतु दृढ़संकल्पित है जिससे गांव का विकास हो तथा लोग स्वच्छ एवं निरोगी रहे । लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। इसे गाव के मुखिया की लापरवाही कहा जाय अथवा उदासीनता या धनलोलुपता की विकास खण्ड सुजानगंज के कुछ गांवों को छोड़कर अधिकांश गांवों में मच्छरों पर नियंत्रण हेतु कीटनाशक दवा के छिड़काव हेतु आए वजट को भ्रष्टाचार की ड्योढ़ी पर चढ़ा दिया गया तथा कीटनाशक दवा का गांव में छिड़काव नहीं कराया गया। जिसके कारण गांवों में मच्छरों का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है तथा लोग मच्छर जनित रोग डेंगू मलेरिया के शिकार हो रहे हैं। आलम यह है कि सुजानगंज विकास खण्ड के अधिकतर गांव में डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों ने अपने पांव पसार रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि बारिश के पूर्व कीटनाशक दवाइयां का छिड़काव किया गया होता तो इन संक्रामक बीमारियों से बचाव किया जा सकता था । इस सम्बन्ध में महेश सिंह, शेर बहादुर, राजाराम,अरविंद कुमार ज्ञान चंद कमलेश कुमार आदि ने बताया कि प्रतिमाह हजारों रुपये वेतन लेने वाले सफाईकर्मी गांव के मुखिया अथवा संबंधित अधिकारी से साठ गांठ करके कागजों पर सफाई कर रहे है ।क्षेत्र के भीलमपुर, कुंदहा ,नाहरमऊ ,घाटमपुर, सराय केवट बाबूरामपुर, सकरा, सकरा ,आदि गांवो मे जिम्मेदार लोगों द्वारा अभी तक कीटनाशक दवाइयां का छिड़काव नहीं कराया गया।जिसके कारण डेंगू, मलेरिया जैसे बीमारियों ने अपने पांव पसार रहे हैं। गांव में कीटनाशक दवाइयां का छिड़काव क्यों नहीं हुआ के संदर्भ में पुछे जाने पर ऐडियो पंचायत इंद्रमणि दुबे ने बताया ग्राम पंचायत अधिकारियों की मीटिंग ली गई है तथा जल्द ही गांव में कीटनाशक दवाइयो का छिड़काव किया जाएगा।
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