
सब की नजर
जौनपुर (सू.वि.)। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 लक्ष्मी सिंह ने अवगत कराया है कि फाइलेरिया एक राष्ट्रीय नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल बीमारी है। फाइलेरिया रोग का संक्रमण क्यूलेक्स मच्छर के काटने से एक रोगी व्यक्ति से स्वास्थ्य व्यक्ति तक होता है। राष्ट्रीय सर्वेक्षण में यह पाया गया है कि देश की पूर्ण जनसँख्या का लगभग 10 प्रतिशत जनसँख्या फाइलेरिया रोग के कारक परजीवी से संक्रमित है। कुछ में रोग का लक्षण दिखता है, जबकि कुछ में नहीं दिखता। फाइलेरिया रोग की जांच रात्रि कालीन होता है, इसलिए बड़े स्तर पर लोगो के खून की जांच किया जाना व्यवहारिक नहीं है। फाइलेरिया रोग के लक्षण आ जाने के बाद पूर्णतः उसका इलाज संभव नहीं होता, अपंगता बनी रहती है। बचाव सबसे अधिक प्रभावी उपाय है।
भारत सरकार की उच्च स्तरीय कमेटी का सलाह है कि यदि सम्पूर्ण जनसँख्या को वर्ष में एक बार आयु वर्ग के अनुसार डी0ई0सी0 एवं अल्बेंडाजोल की खुराक लगातार 5 वर्षों तक खिला दिया जाये तो फाइलेरिया के संचरण पर नियंत्रण कर लिया जायेगा।
भारत सरकार ने समुदाय में परिजीवी सूचकांक 1 प्रतिशत से कम करने के लिए वर्ष 2027 का लक्ष्य रखा है। यह कार्यक्रम जनपद में वर्ष 2004 से चलाया जा रहा हैं। विगत वर्षो की भांति इस वर्ष भी जनपद में 10 फरवरी से 27 फरवरी 2023 तक फाइलेरिया अभियान घर घर चलाया जायेगा, जिसमें आशा, आंगनवाड़ी घर घर जा कर अपने सामने जनपदवासियों को दवा का सेवन कराएंगी। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 08 एवं 09 फरवरी को फाइलेरिया की टीमें सभी कॉलेजों में दवा खिलाई गयी।
दवा खाली पेट नहीं खाना हैं। 02 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलायें एवं अत्यधिक बीमार लोगों को दवा नहीं खाना है।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य 10 विभागों का सहयोग लिया जा रहा है।
जनपद की कुल जनसंख्या 5283227 में से लक्षित जनसंख्या 4490743 को 3994 टीम एवं 7988 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर (आशा, ऑगनबाडी) द्वारा घर-घर जाकर प्रत्येक दिन 125 लाभार्थियों को अपने सामने दवा खिलाया जायेगा। अभियान सप्ताह में 04 दिन सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार को चलेगा एवं बुधवार, शनिवार को घर-घर कार्यक्रम के छूटे लाभार्थियों को माप अप राउन्ड चलाकर टीम द्वारा दवा खिलाया जायेगा।
कार्ययोजना में प्रत्येक 06 टीम पर एक पर्यवेक्षक रखा गया है जिसके द्वारा टीमों का पर्यवेक्षण किया जायेगा।
कार्यक्रम के संचालन के पूर्व की गतिविधियों जैसे-अन्तर्विभागीय जनपद स्तरीय समन्वय समिति की बैठक, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, पैरामेडिकल स्टाफ एवं ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर का प्रशिक्षण सम्पन्न किया जा चुका है।
समस्त जनपद वासियों से अपील है कि जब उनके घर फाइलेरिया की टीम जाये तो टीम के सामने दवा खाकर अभियान को सफल बनाएं।
सब की नजर | हर अपराध पर हमारी नजर #1 Hindi News Portal