

जय प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट
जौनपुर। फसल अवशेष (पराली) जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण के प्रतिकूल प्रभाव के सम्बंध में जन जागरूकता लाने के लिए आज जिलाधिकारी द्वारा कलेक्ट्रेट से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
फसल अवशेष प्रबन्धन (पराली) जलाने से होने वाले मृदा, जलवायु, मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों से जनपद के किसानों एवं आम जनमानस को जागरूकता लाये जाने हेतु आज कृषि विभाग के द्वारा जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के सहयोग से आपदा मित्रों की जागरूकता रैली आयोजित की गई। जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर से आपदा मित्रों की रैली को हरी झंडी दिखाकर जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों एवं आमजनमानस को जागरूक करने के लिए रवाना किया। इस मौके पर जिलाधिकारी द्वारा स्वयं भी कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार तक रैली की अगुवाई की। रैली में आपदा मित्रों के द्वारा पराली जलाने से पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के बारे में स्लोगन एवं नारों के माध्यम से पिछले वर्ष पराली जलाने की घटनाओं वाले 16 ग्रामों में विशेष ध्यान केन्द्रित करते हुए जनजागरूकता की जायेगी। जिलाधिकारी द्वारा जनपद के किसान भाइयों से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए किसी भी दशा में पराली एवं फसल अवशेष को नहीं जलाया जायें। हम सभी का दायित्व है कि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ एवं शुद्ध वातावरण देने में योगदान दें। फसल अवशेषों का निस्तारण कृषि विभाग के द्वारा सुझाये गये उपायों जैसे-कृषि यंत्र पैडी स्ट्राचोपर, जीरो सिडड्रिल मशीन, मल्चर, एम0बी0 प्लाऊ, वेस्ट डि कम्पोजर आदि का प्रयोग करते हुए फसल अवशेषों का खेतों में ही निस्तारण करें। जिससे खेत की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी ओर पर्यावरण भी दूषित होने से बचेगा। कृषि विभाग को भी निर्देशित किया गया कि किसानों को फसल अवशेष एवं पराली नहीं जलाये जाने के लिए जागरूक करते हुए उसका प्रबंधन कराया जाये। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त विवके कुमार मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट मीनू राणा, जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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