
विश्व भूषण पाण्डेय
शहडोल। म प्र शिक्षक संंघ जिला इकाई शहडोल द्वारा सोमवार को शिक्षा, शिक्षक एवं शिक्षकीय समस्याओं को लेकर प्रांतीय आह्वान पर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम 7 सूत्रीय ज्ञापन कलेक्टर महोदय के नाम से जिला इकाई शहडोल द्वारा अपर कलेक्टर को सौपा गया । उक्त जानकारी देते हुए शिक्षक संंघ शहडोल के जिला अध्यक्ष ने जिन विन्दुओं को लेकर ज्ञापन दिया गया है उनमें प्रमुख रुप से 30 – 35 साल से सेवा दे रहे योग्यता धारी सहायक शिक्षको , शिक्षकों , प्रधान पाठकों, व्याख्याताओ एवं प्राचार्यों को पदोन्नति और पदनाम नही दिया गया है ।कोरोना महामारी के कारण लंवित वेतन वृद्धि व महगाई भत्ता की किशतो का शीघ भुगतान किया जाए । प्राथमिक एवं माध्यमिक व उच्च शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए । एम डी एम मे 73 दिन का सूखा भोजन वितरण करना एक ऐतिहासिक निर्णय है इससे विद्यालयो मे दर्ज संख्या बढी है ।बच्चों को पहली बार वास्तविक लाभ हुआ है लेकिन प्रशासन द्वारा इस योजना मे कई दोष, घोटाले बताकर विचौलियों को लाभ पहुचाने के लिए एवं इसे बंद कराने के लिए षणयंत्र किया जा रहा है इसे रोका जावे । दक्षता आकलन परीक्षा से 10 वी एवं 12वी के परीक्षा परिणाम मे कोई सुधार हुआ है यह विशलेषण गलत है गत अधिकारियों द्वारा प्रदेश की शिक्षा गुणवत्ता के लिये जो भी योजना चलाई गई उनमें खर्च के मुताबिक लाभ नही हुआ उन अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्यवाही होनी चाहिए । आयुक्त लोक शिक्षण के आदेश से सत्र 2020-21 के लिए परीक्षा परिणाम नौवीं के लिए 59%,दसवीं के लिये 64% ,11वी के लिये 81%और 12वी के लिये 73 % परीक्षा परिणाम का लक्ष्य निर्धारित किया गया है यह एकदम अव्यवहारिक है और परिस्थितियों के प्रतिकूल है एवं अन्याय पूर्ण व्यवहार है इस आदेश से शिक्षकों मे शासन के प्रति आक्रोश पैदा करने का षणयंत्र है । आज ज्ञापन सौपते समय प्रमुख रुप से संभागीय सचिव लाल जी तिवारी, जिला कोषाध्यक्ष राजन सिंह, मनोज द्विवेदी कार्यकारिणी सदस्य एवं सभी इकाइयों के पदाधिकारी उपस्थित थे ।
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