
सब की नजर संवाददाता
नई दिल्ली। आंध्रा तेलगाना भवन , डॉ बी आर अम्बेडकर ऑडिटोरियम में एडिलीला फ़ाउण्डेशन द्वारा आयोजित डॉ एस राधाकृष्णन मेमोरियल अवार्ड में विशिष्ट अतिथि मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी व शिक्षा रत्न डॉ प्रमोद के सिंह ने कहा शिक्षक दिवस को 5 सितंबर को ही मनाने का ऐतिहासिक कारण भी डॉ राधाकृष्णन से ही जुड़ा है। राष्ट्रपति बनने के बाद जब उनके कुछ छात्रों और दोस्तों ने उनसे संपर्क किया और उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति मांगी तो उन्होंने कहा कि अगर उनका जन्मदिन अलग से मनाने के बजाय अगर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है तो यह उनके लिए गर्व की बात होगी। तभी से भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। पंडित जवाहरलाल नेहरू डॉ राधाकृष्णन के सबसे करीबी दोस्तों में से एक थे। उन्होंने डॉ राधाकृष्णन के बारे में कहना था कि उन्होंने कई क्षमताओं में अपने देश की सेवा की है लेकिन सबसे बढ़कर, वह एक महान शिक्षक हैं जिनसे हम सभी ने सीखा है। एक महान दार्शनिक, एक महान शिक्षाविद और एक महान मानवतावादी को अपने राष्ट्रपति के रूप में रखना भारत का विशिष्ट विशेषाधिकार है। यह अपने आप में उस तरह के लोगों को दर्शाता है जिनका हम सम्मान करते हैं। मुख्य अतिथि राजेश शर्मा ने डॉ सिंह को “डॉ एस राधाकृष्णन मेमोरियल अवार्ड” देकर सम्मानित करते हुए कहा कि डॉ प्रमोद के सिंह से आप सभी को प्रेरणा लेना चाहिए। ऐसे व्यक्तित्व को सम्मानित करते हुये आज मुझे गर्व महसूस हो रहा है। कार्यक्रम में मीडिया हाउस के संस्थापक डॉ राजा तालुकदार , आदिलीला फ़ाउण्डेशन के संस्थापक डॉ एस अदीनारायण सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे ।
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