डा. दिनेश कुमार मौर्य की रिपोर्ट
जौनपुर। जिला कृषि अधिकारी श्री के०के०सिंह ने भारतीय सहारा संवाददाता से बताया कि कृषि निदेशालय ( उर्वरक अनुभाग) उत्तर प्रदेश द्वारा पत्र संख्या उर्वरक/992/प्राविधिक /2023__2024/दिनांक 25अगस्त 2023द्वारा अवगत कराया गया है, कि विभिन्न स्रोतों से यह जानकारी प्राप्त हो रही है कि कतिपय उर्वरक निर्माता कंपनियां यूरिया, डी० ए० पी०, एस० एस ०पी ०, एव एन० पी० के ० उर्वरकों को शीघ्र पी० ओ ०एस ० मशीन से बिक्री करने पर इनसेंटिव व अन्य प्रलोभन दे रही है ,इसलिए फुटकर उर्वरक बिक्रेताओ द्वारा उर्वरकों की बिना वास्तविक बिक्री के पी ओ एस मशीन से फर्जी बिक्री करने का प्रयास किया जा रहा है।
जनपद के समस्त फुटकर / खुदरा उर्वरक बिक्रेताओ को सचेत किया जाता है कि वह किसी प्रकार के प्रलोभन में आकर न तो फर्जी उर्वरकों को अपनी आई एफ एम एस आई डी में प्राप्त करे और न ही फर्जी तरीके अपनाकर अवास्तविक किसानों को बायो मैट्रिक लगवाकर फर्जी बिक्री करें। सभी तहसीलों में उर्वरक निरीक्षकों के द्वारा सघन चेकिंग कराई जा रही है। यदि किसी उर्वरक बिक्रेता के यहां पी ओ एस में उपलब्ध स्टॉक से वास्तविक / भौतिक रूप से उपलब्ध स्टॉक से मिलान करने पर भिन्नता पाई जाती है,तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की सुसंगत धाराओं में कार्यवाही कर दी जाएगी जिसकी जिम्मेदारी संबंधित उर्वरक विक्रेता की होगी।
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