
सब की नजर
मुंबई । मुंबई शहर के संरक्षक मंत्री असलम शेख द्वारा खावटी अनुदान के तहत आज मुंबई शहर जिले में अनुसूचित जनजाति के परिवारों को खाद्यान्न किट वितरित किए गए । उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति के परिवारों को राशन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य समस्याओं के लिए हर संभव मदद दी जाएगी । इस बार आदिवासी एकीकृत विकास परियोजना कार्यालय, मुंबई ने आज मुंबई सिटी कलेक्ट्रेट में आयोजित एक छोटे से समारोह में अनुसूचित जनजाति के लाभार्थी परिवारों को खावटी ( भोजन ) अनुदान योजना के तहत भोजन किट वितरित की। विधायक अमीन पटेल, कलेक्टर राजीव निवातकर, जिला योजना अधिकारी बोरकर, आदिवासी विकास परियोजना अधिकारी सुप्रिया चव्हाण आदि इस अवसर पर उपस्थित थे। आदिवासी क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर गणमान्य व्यक्तियों के हाथों माल्यार्पण किया गया।
राज्य सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान अनुसूचित जनजाति परिवारों की मदद के लिए खावटी ( भोजन ) अनुदान योजना लागू करना शुरू किया था। तदनुसार, मुंबई शहर और उपनगरीय जिलों में 1924 परिवार खावटी अनुदान योजना के लिए पात्र हैं । इसमें उपनगरों में 1818 परिवार और मुंबई शहर में 106 परिवार शामिल हैं । आज के कार्यक्रम में मुंबई शहर के 106 परिवारों में से 12 परिवारों को मंत्री। असलम शेख और अमीन पटेल ने प्रतिनिधिक तरीके से भोजन किट का वितरण किया। इसी तरह, मुंबई शहर और उपनगरीय जिलों में 1760 परिवारों को सीधे बैंक खातों में 2,000 रुपये दिए गए हैं।
इस मौके पर असलम शेख ने कहा कि अधिकारियों को यह देखना चाहिए कि क्या कुछ और परिवार खावटी अनुदान योजना के लिए पात्र है। योजना के लाभ से वंचित रहने वाले परिवारों को उनकी पात्रता निर्धारित कर योजना का लाभ दिया जाए । मुंबई शहर और जिले में अनुसूचित जनजाति परिवारों को पहचान पत्र जारी करने, राशन कार्ड वितरण के मुद्दों को जल्द से जल्द हल करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
श्रीमती सुप्रिया चव्हाण ने योजना की जानकारी देते हुए हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया के बारे में बताया ।
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