
सब की नजर न्यूज नेटवर्क
शिवगंज(राजस्थान)। राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) का प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा विधान सभा में ओल्ड पेन्शन स्कीम पर मुख्यमंत्री का बजट भाषण 3 लाख कर्मचारियों को राहत देने वाला स्वागत योग्य कदम।
शिक्षक संघ( प्रगतिशील)के प्रदेश मीडिया प्रभारी गुरुदीन वर्मा के अनुसार संघ (प्रगतिशील) के प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने मुख्यमंत्री द्वारा विधान सभा में दिये गये ओल्ड पेन्शन स्कीम के कर्मचारियों के पक्ष में बयान की राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) सराहना कर धन्यवाद ज्ञापित कर बताया कि राजस्थान ऐसा पहला राज्य हैं जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 3 लाख से अधिक कर्मचारियों को बहुत बडा तौहफा दिया हैं जो कर्मचारी जिन्दगी के साथ और जिन्दगी के बाद भी सदैव यादगार रहेगा। राजस्थान में जब से ओपीएस लागु हुई हैं तब से केन्द्र की भाजपा सरकार में बैचेनी का माहोल हैं। क्योंकि गहलोत सरकार के बाद कांग्रेस की छत्तीसगढ, हिमाचल प्रदेश एवं पंजाब, झारखण्ड राज्यों ने भी ओपीएस लागु करने का फैसला किया। लेकिन बडे दुर्भाग्य की बात है कि उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों की भाजपा की राज्य सरकारों द्वारा ओपीएस लागु करने का आज तक कोई जिक्र तक नही करना भाजपा की कर्मचारी विरोधी रवैये को दर्शाता हैं। उल्टा जिन राज्यों ने ओपीएस लागु की हैं उन राज्य सरकारों को केन्द्र सरकार द्वारा न्यु पेन्शन स्कीम का अंशदान राज्यों को लौटाना का प्रावधान नही होने तथा केन्द्र से ओपीएस के संदर्भ कोई आर्थिक सहायता नहीं देने की घोषणा कर मामले को येनकेन प्रकारेण लटकाने के उद्देश्य से राज्य सरकार को हैरान परेशान किया जा रहा हैं। साथ ही लोक सभा व राज्य सभा में भी केन्द्र सरकार के मंत्रियों एवं सांसदों द्वारा आये दिन ओपीएस के खिलाफ वक्तव्य देकर कमर्चारी विरोधी मानसिकता को प्रदर्शित करने का निन्दनीय कार्य किया जा रहा हैं। जो किसी भी स्थिति में उचित नहीं हैं। हरियाणा की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री का कथन कि ओपीएस लागु करने से देश 2030 तक देवालिया हो जायेगा। गहलोत ने कहा कि देश की आजादी के बाद से ही देश मे ओपीएस लागु थी तब तो देश दिवालिया नहीं हुआ लेकिन अब भाजपा की सरकार आते ही देश दिवालिया हो जाने का कथन हास्यास्पद एवं कर्मचारी जगत को शर्मसार करने वाला हैं जबकि स्वयं सांसद एवं विधायक ओपीएस के तहत पेन्शन ले रहे हैं तब देश दिवालिया नहीं हो रहा हैं। इस तरह की बयानबाजी से कर्मचारी वर्ग खासा नाराज हैं। जिसका खामियाजा आगामी चुनाव में केन्द्र सरकार को भुगतना पडेगा।
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