
दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगभग 28 साल बाद अपने पैतृक घर पंचूर गांव पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद थी। योगी आदित्यनाथ का काफिला जैसे ही दिखाई पड़ा गांव के लोग खुशी से झूम उठे । मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी उनके साथ थे। सबसे बड़े प्रदेश के मुखिया का गांव के लोगों ने जमकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पैतृक गांव उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में यमकेश्वर स्थित पंचूर में योगी के पहुंचते ही पूरा गांव मानो झूम उठा। खासकर योगी के घरवालों के लिए यह मौका खुशियों से बारिश से कम नहीं था। योगी आदित्यनाथ ने अपनी मां सावित्री देवी के पैर छुए और आशीर्वाद लिया। मां के गले पर फूलों का हार पहनाकर वो उनकी बगल में बैठ गए। बेटे को पाकर माँ सावित्री देवी का खुशियों से झूम उठी और खुशी क्यों ना हो माँ अपने बेटे को कई वर्षो के बाद पाई है। इस दौरान योगी काफी भावुक भी नजर आए। हो भी क्यों न पिता आनंद सिंह बिष्ट की मौत के दो साल बाद वो पहली बार मां से मिल रहे थे।जिस बुल्डोजर बाबा के नाम से माफिया और अपराधी घबराते हों ऐसे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब अपने गांव पंचूर पहुंचे तो सभी को नाम लेकर बुलाते थे और उन लोगों से बारी बारी से मिलते थे।
उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे में पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ मंगलवार को अपनी मां सावित्री देवी से मिल कर भावुक हो गये। कोरोना काल में पिता आनंद सिंह बिष्ट के देहान्त के बाद पहली बार पौढ़ी गढ़वाल में यमकेश्वर स्थित अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे योगी ने पांव छूकर अपनी मां की आशीर्वाद ग्रहण किया और बाद में इस भावुक मगर यादगार लम्हे को ट्वीट कर अपनी भावनाओं का इजहार किया।
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