मुंगरा बादशाहपुर ,जौनपुर। 21 सितम्बर को दोपहर में आई चक्रवाती तूफ़ान ने किसानों की लहलहाती धान की फसल अभी शैशवा अवस्था में पहुंच ही रही थी कि काल रूपी चक्रवाती तूफ़ान ने अपने आगोश में लेकर झकझोर कर जमींदोज कर दिया । जहां किसानों को अपने अथक परिश्रम पर गर्व हो रहा था कि इस वर्ष मेरी फसल अच्छी हैं उनके मन में तमाम कल्पनाएं पांव


पसार रही थी वहीं इंद्रदेव को किसानों की लहलहाती फसल को देखकर बर्दास्त नहीं हो रहा था । चक्रवाती तूफ़ान बनकर किसानों पर कहर बरसाने से बाज नहीं आए। आज किसान अपनी फसल को देखकर इंद्रदेव को कोशने से बाज नहीं आ रहा है। अब किसानों की नजर शासन प्रशासन की तरफ टक टकी लगाए बैठी है कि क्या हमारे आफत विपत्ति मेंकुछ मददगार होते है या उनका भी किसानों का मसीहा बनने का दावा हवा हवाई ही रहता है।
दिनेश कुमार मौर्य
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