बहराइच । कर-करेत्तर राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी शम्भु कुमार ने निर्देश दिया कि विभागों की ओर से जारी की गयी आर.सी. का तहसीलवार मिलान करा लिया जाय। तदोपरान्त प्रभावी वसूली सुनिश्चित की जाय। श्री कुमार ने यह भी निर्देश दिया कि ऐसी आर.सी. जिनमें नियमानुसार वसूली नहीं हो सकती है, उन्हें सम्बन्धित विभागों को वापस कर दिया जाय। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया कि कर-करेत्तर राजस्व वसूली की अपने स्तर पर समीक्षा करें और जिन तहसीलों की वसूली संतोषजनक न पायी जाये उन्हें नोटिस जारी

किया जाय।
वाणिज्य कर की समीक्षा के दौरान उपायुक्त वाणिज्य कर ने बताया कि विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति हेतु गत माह की गयी प्रवर्तन की कार्रवाई के दौरान 419 वाहनों की जाॅच की गयी जिसमें 27 वाहनों से रू. 10.62 लाख की वसूली की गयी। उन्होंने बताया कि चालू माह के दौरान कैम्प व गोष्ठी का आयोजन कर वसूली को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे प्रयासों की सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कैम्प तथा गोष्ठी आयोजन को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित करायें और आयोजन की निरन्तरता को भी बनाये रखें। श्री कुमार ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वाणिज्य कर विभाग से समन्वय कर लम्बित आर.सी. की वसूली सुनिश्चित करायें।
स्टाप एवं निबन्धन की समीक्षा में पाया गया कि विभाग द्वारा 176 आर.सी. जारी की गयी हैं जिसमें सर्वाधिक तहसील बहराइच से सम्बन्धित हैं। जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को निर्देश दिया कि अपनी देख-रेख में वसूली सुनिश्चित करायें। विद्युत विभाग द्वारा जारी की गयी आर.सी. वसूली के सम्बन्ध में अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी तहसीलों से समन्वय स्थापित कर लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करायें।
खनन निरीक्षक को निर्देश दिया गया कि अवैध खनन से सम्बन्धित शिकायतों में एसडीएम के साथ समन्वय कर सघन जाॅच अभियान संचालित करायें। स्थानीय निकायों की राजस्व वसूली संतोषजनक न पाये जाने पर निर्देश दिये गये कि सभी निकाय इस माह विशेष प्रयास कर निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करें। इसी प्रकार अन्य विभागों को भी निर्देश दिया गया कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति में कुछ माह शेष हैं इसलिए लक्ष्य के अनुरूप प्रयास किये जायें।
राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये कि अंश निर्धारण की कार्यवाही की अपने स्तर पर समीक्षा करें और अधिकारी कर्मचारी दोषी पाये जाये उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाय। सभी तहसीलों में रोड साईड की सार्वजनिक भूमि को चिन्हित कर लैण्ड बैंक बनाया जाय। लेखपालों की तैनाती स्थल पर उपस्थिति का सत्यापन करायें साथ ही उन्हें उपलब्ध कराये गये इलेक्ट्रानिक डिवाइस के संचालन की स्थिति की भी आख्या अपर जिलाधिकारी को उपलब्ध करा दें।
बैठक के दौरान निर्देश दिया गया कि चकमार्गों व सार्वजनिक भूमि को अवैध कब्ज़ों से मुक्त कराये जाने हेतु अभियान संचालित किया जाय साथ ही विवादित चक मार्गों व तालाबों की ग्रामवार सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाय। जनहित गारण्टी अधिनियम अन्तर्गत प्राप्त लम्बित आवेदन-पत्रों के बैक लाग को अभियान चलाकर एक सप्ताह में समाप्त कराया जाय। जनगणना 2021 के सम्बन्ध में सभी उप जिलाधिकारियों व अधिशाषी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी तैयारियाॅ 15 जनवरी 2020 तक पूर्ण कर आख्या उपलब्ध करायें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी जयचन्द्र पाण्डेय, मुख्य राजस्व अधिकारी प्रदीप कुमार यादव, प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट जी.पी. सिंह, उप जिलाधिकारी सदर राम चन्द्र यादव, नानपारा के राम आसरे वर्मा, कैसरगंज के रामजीत मौर्य, महसी के एस.एन. त्रिपाठी, पयागपुर के बाबू राम, मोतीपुर के ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राजेश श्रीवास्तव, मधुसूदन आर्य सहित कर-करेत्तर विभागों के अधिकारी, तहसीलदार व कलेक्ट्रेट के पटल सहायक मौजूद रहे।
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