लखनऊ । मुख्यमंत्री ने गोआश्रय स्थलों के संचालन की संयुक्त जिम्मेदारी जिलाधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सौंपते हुए उन्हें चारा, टीकाकरण व शेड निर्माण का समुचित बंदोबस्त करने को कहा है। विद्यालयों में गोवंश रखने की शिकायत मिलने पर ग्राम प्रधान, पंचायत अधिकारी व संबंधित पशुपालक पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने उन पशुपालकों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा । मुख्यमंत्री ने कहा कि गायों का दूध दुहकर उन्हें सड़क पर छोड़ देते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन पर जुर्माना लगाने और दंड देने का भी निर्देश दिया। उन्होंने वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का निर्माण कराने के साथ निराश्रित गोवंश का भरणपोषण करने के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध धनराशि का सदुपयोग करने को कहा। प्रति निराश्रित पशु के लिए 30 रुपये प्रतिदिन की दर से धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश देने के साथ इस रकम का दुरुपयोग न करने की हिदायत दी।
जलभराव की स्थिति में पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुुंचाएं । योगी ने कहा कि वर्षा व अन्य कारणों से जलभराव होने की स्थिति में निराश्रित पश़ुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और उनके चारा, पानी, छाया व दवाओं का समुचित प्रबंध किए जाए। बीमार व बूढ़े हो गए पशुओं को कम उम्र व मादा पशुओं से अलग रखने की व्यवस्था की जाए। भूसे के साथ हरा चारा व चोकर आदि की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।
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